गर्भनाल कैसा दिखता है?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 15:17

गर्भनाल क्या है?

अम्बिलिकल कॉर्ड यानि गर्भनाल गर्भवती महिला के शरीर का ही एक भाग होता है जो गर्भाशय की दीवार से जुड़ा हुआ होता है और गर्भावस्था के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु को पर्याप्त पोषण और सुरक्षा देने का कार्य करता है. गर्भ में शिशु इसी नाल के माध्यम से माँ से जुड़ा रहता है.

जैसे ही गर्भवती महिला के अंदर गर्भनाल विकसित होती है यह भ्रूण को माँ के गर्भाशय की दीवार से जोड़ देती है. गर्भनाल का एक सिरा गर्भाशय से तो दूसरा सिरा शिशु की नाभि से जुड़ा हुआ होता है. डिलीवरी हो जाने के बाद गर्भनाल को महिला के शरीर से निकाल दिया जाता है.

यदि आपकी गर्भावस्था सही तरह से आगे बढ़ रही है तो गर्भनाल ऊपर की तरफ दाएं या बाएं भाग से जुड़ जाती है. एक सामान्य गर्भनाल अंडाकार डिस्क की तरह दिखाई देती है.


गर्भनाल के कार्य क्या हैं?

गर्भावस्था के दौरान बच्चे की गर्भनाल ही उसकी लाइफ़लाइन होती है जो बच्चे को सारे जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन पहुंचाती है.

गर्भनाल, गर्भवती महिला के भ्रूण को ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्व पहुंचाने का कार्य करती है.
यह भ्रूण के लिए सही तापमान को नियंत्रित करती है और आंतरिक संक्रमण से भ्रूण की रक्षा करती है.
गर्भनाल, गर्भाशय में ऐसे हार्मोन्स का निर्माण करती है जो भ्रूण के विकास को आगे बढ़ाने में सहायता करते हैं.
यह हर तरह के ख़तरे से भ्रूण की रक्षा करती है और भ्रूण के रक्त से अपशिष्ट और विषैले पदार्थों को हटाती है इस तरह गर्भनाल भ्रूण के लिए फ़िल्टर का भी काम करती है.
गर्भनाल की मदद से ही गर्भवती महिला के शरीर में लैक्टोजन बनता है जिससे माँ के शरीर में दूध बनने की प्रक्रिया शुरू होती है.
गर्भनाल ही माँ और बच्चे को एक दूसरे से जोड़े रखती है. जो कुछ भी माँ खाती है वो आहार गर्भनाल के द्वारा ही बच्चे तक पहुंच पाता है.
बच्चे के जन्म के कुछ ही दिन बाद यह गर्भनाल खुद ही सूखकर गिर जाती है.



गर्भनाल की सफाई कैसे करें? – Umbilical Cord Care Tips

बच्चे के जन्म के बाद उसे गर्भनाल की ज़रुरत नहीं होती है क्योंकि, तब बच्चा खुद सांस ले सकता है और खुद खा सकता है. इसलिए डिलीवरी हो जाने के बाद इस गर्भनाल को माँ और शिशु दोनों के छोर से काट दिया जाता है.

शिशु के छोर से काटने के बाद 2 से 3 सेंटीमीटर तक के छोटे से स्टंप को बच्चे के पेट पर छोड़ दिया जाता है. कभी-कभी आपको स्टंप के आस-पास हल्का सा सूखा हुआ खून भी दिख सकता है, इसके लिए आपको परेशान होने की ज़रुरत नही है बल्कि इसे साफ़ कपड़े से पोंछ देना चाहिए.
गर्भनाल के स्टंप के साथ कोई भी छेड़ाखानी ना करें, संक्रमण से बचने के लिए साफ़-सफ़ाई का विशेष ध्यान रखें और कोई भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
शिशु की गर्भनाल को हमेंशा सूखा रखें. यदि आप शिशु को टब में नहलाते हैं तो ध्यान रखें कि उसकी गर्भनाल में पानी न पड़े. कोशिश कीजिए की बेबी को स्पंज बाथ दी जाए.
गर्भनाल बेहद ही नाजुक चीज़ है इसलिए उसे या उसके आस-पास के अंगों को ना रगड़े वरना इससे बेबी को इंफेक्शन हो सकता है.
गर्भनाल को ज़बरदस्ती ना निकालें बल्कि उसे प्राकृतिक रूप से खुद ही सूखने दें.
शिशु की गर्भनाल को साफ़ करने के लिए कॉटन या कॉटन वाइप्स का ही प्रयोग करें, टिश्यू पेपर का इस्तेमाल ना करें.

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